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'अन्तरात्मा की पुकार' एक विवेचन

'अन्तरात्मा की पुकार' एक विवेचन                                                 आलोक मणि त्रिपाठी                                                         प्रवक्ता हिन्दी                            कवि और उसके काव्य का विवेचन और मूल्यांकन कई स्तरो पर किया जा सकता है और यह भी सच है कि विभिन्न समयों और युग-प्रवृत्तियो के प्रभाव से उक्त विवेचन और मूल्यांकन परिर्वतन भी होते रहते हैं। परन्तु इन अनिवार्य परिवर्तनों के रहते हुए भी कवि की मूल वस्तु के स्वरूप और उसके स्वरूप और उसके काव्योत्कर्ष के सम्बन्ध में कुछ स्थाई और अपरिवर्तनीय धारणाएं भी रहा करती है। इन धारणाओं की पुष्टि करना आवश्यक होता है अन्यथा किसी भी कवि के सम्बन्ध में राष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं का स्थिर...

हिन्दी साहित्य महत्वपूर्ण प्रश्न भाग -2

             महत्वपूर्ण प्रश्नों की श्रृंखला                            (  एक ) साहित्य अकादमी का पहला अध्यक्ष कौन था? – जवाहरलाल नेहरू • अखिल भारतीय हिंदी साहित्य सम्मेलन की स्थापना कहां हुई? – प्रयाग • साहित्य अकादमी की स्थापना कब की गई? – 1953 ई. • अपभ्रंश के प्रथम महाकवि कौन थे? – स्वयंभू • आधुनिक हिंदी एकांकी नाटकों का जनक किसे कहा जाता है? – रामकुमार वर्मा • बंगला का विकास किस भाषा से हुआ? – मागधी • नागार्जुन का वास्तविक नाम क्या है? – वैद्यनाथ मिश्र • 'पृथ्वीराजरासो' का रचयिता किसे माना जाता है? – चंदबरदाई • 1909 ई. में वृंदावनलाल वर्मा ने कौन सी कहानी लिखकर ऐतिहासिक कहानियों की परंपरा को जन्म दिया? – राखीबंद भाई • सुरेंद्र वर्मा को 'मुझे चांद चाहिए' उपन्यास पर कौन सा सम्मान मिला है? – साहित्य अकादमी • 'अँगरेज राज सुख साज सजै सब भारी। पै धन विदेस चलि जात यहै अति ख्वारी॥' ये पंक्तियां किस कवि की हैं? – भारतेंदु हरिश्चंद्र • अंग्रेजी में लिखित पत्र-संग्रह 'पिता के पत्र पुत्...

हिन्दी साहित्य का इतिहास भाग -01

        हिंदी साहित्य प्रश्न 1. शेरसिंह का शस्त्र समर्पण’ किसकी रचना है?💐प्रसाद 2. ’ताजमहल का टेण्डर’ किसका नाटक है?💐अजय शुक्ल 3. अनुमितिवाद की अवधारणा किसकी है?💐आ शंकुक 4. ’रेखाएं बोल उठीं’ किसकी रचना है?💐देवेंद्र सत्यार्थी 5. ’सांप तुम सभ्य तो हुए नहीं’ किसकी काव्य-पंक्ति है?💐अज्ञेय 6. ’गुलगुली गिल में गलीचा है गुनीजन हैं’ किसकी काव्य-पंक्ति है?💐पद्माकर 7. ’सोन मछली’ किसकी कविता है?💐अज्ञेय 8. ’यमुना के प्रति’ कविता के रचनाकार कौन हैं?💐निराला 9. ’पेशोला की प्रतिध्वनि’ कविता के रचयिता कौन हैं?💐प्रसाद 10. मिश्र बन्धुओं में कौन-कौन सम्मिलित हैं?💐गणेश श्याम शुखदेव 11. ’गंगौली’ गांव किस उपन्यास के केन्द्र में है?💐आधा गाँव राही मासूम 12. ’कोर्ट मार्शल’ नाटक के रचनाकार कौन हैं?💐स्वदेश दीपक 13. ’ऋतम्भरा’ किसकी काव्यकृति है?💐केदारनाथ मिश्र प्रभात 14. ’पीली ऑंधी’ उपन्यास किसकी रचना है?💐प्रभाखेतान 15. ’रमणीयार्थ-प्रतिपादकः शब्दः काव्यम्’ किसका कथन है?💐जगन्नाथ 16. शब्दार्थौ सहितौ काव्यम्’ किसका कथन है?💐भामह 17. ...

हिन्दी साहित्य विषय काव्य

 हिन्दी साहित्य विषय - काव्य  •┈┈┈┈┈••✦✿✦••┈┈┈┈┈ 1 काव्य के तत्व माने गए है -  दो 2 महाकाव्य के उदाहरण है -  रामचरित मानस, रामायण, साकेत, महाभारत, पदमावत, कामायनी, उर्वशी, लोकायतन, एकलव्य आदि 3 मुक्तक काव्य के उदाहरण है-  मीरा के पद, रमैनियां, सप्तशति 4 काव्य कहते है -  दोष रहित, सगुण एवं रमणियार्थ प्रतिपादक युगल रचना को 5 काव्य के तत्व है -  भाषा तत्व, बुध्दि या विचार तत्व, कल्पना तत्व और शैली तत्व 6 काव्य के भेद है -  प्रबंध (महाकाव्य और खण्ड काव्य), मुक्तक काव्य 7 वामन ने काव्य प्रयोजन माना - दृष्ट प्रयोजन (प्रीति आनंद की प्राप्ति) अदृष्ट प्राप्ति (कीर्ति प्राप्ति) 8 भामह की काव्य परिभाषा है -  शब्दार्थो सहित काव्यम 9 प्रबंध काव्य का शाब्दिक अर्थ है -  प्रकृष्ठ या विशिष्ट रूप से बंधा हुआ। 10 रसात्मक वाक्यम काव्यम परिभाषा है -  पंडित जगन्नाथ का 11 काव्य के कला पक्ष में निहित होती है -  भाषा 12 काव्य में आत्मा की तरह माना गया है-  रस 13 तद्दोषों शब्दार्थो सगुणावनलंकृति पुन: क्वापि, परिभाषा है - मम्मट की 14 काव्य के तत्व व...

Net JRF के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

हालावाद से महत्वपूर्ण प्रश्न  1- "व्यक्तिवादी काव्य" या "वैयक्तिक कविता" के नाम से जाना जाता है ? -- हालावाद 2- "इस काव्य में समग्रतः एवं संपूर्णतः वैयक्तिक चेतनाओं को ही काव्यमय स्वरों और भाषा में संजोया गया है।" यहाँ किस काव्य के बारे में कहा गया है ? -- हालावादी काव्य के बारे में 3- "नव्य-स्वछंदतावाद" के नाम से जाना जाता है ? -- हालावाद 4- "उन्मुक्त प्रेमकाव्य" या "प्रेम व मस्ती के काव्य" के नाम से जाना जाता है ? -- हालावादी काव्य 5- "इसमें अपनी ही मस्ती, अल्हड़ता एवं अक्खड़ता है।" किसमें ? -- हालावादी काव्य में 6- हालावादी काव्य पर किसका प्रभाव है ? -- फारसी साहित्य का / उमरखैयाम का 7- "क्षयी रोमांस का कवि" कहा जाता है ? -- हरिवंश राय बच्चन को 8- "प्रेम और रोमांस का कवि" कहा जाता है ? -- रामेश्वर शुक्ल अंचल को 9- मांसलवाद के प्रवर्तक माने जाते है ? -- रामेश्वर शुक्ल अंचल 10- "इनके काव्य में रोमांस तो है लेकिन निराशा और दुःख जनित।" किसके बारे में कहा गया है ? -- नरेन्द्र शर्मा के 11-...

हिन्दी व्याकरण से महत्वपूर्ण प्रश्न

हिन्दी व्याकरण से महत्वपूर्ण प्रश्न  प्रश्‍न 1- जिन शब्दों के अन्त में ‘अ’ आता है, उन्हें क्या कहते है। उत्‍तर – अकारांत कहते है। प्रश्‍न 2- हिन्दी वर्ण माला में अयोगवाह वर्ण कौन से है। उत्‍तर – अं , अ: वर्ण अयोगवाह वर्ण है । प्रश्‍न 3- हंस मे लगा ( ं ) चिन्ह कहलाता है। उत्‍तर – अनुस्वार प्रश्‍न 4- चॉद शब्द‍ में लगा ( ँ ) चिन्ह कहलाता है। उत्‍तर – अनुनासिक । प्रश्‍न 5- भाषा की सबसे छोटी इकाई क्या है। उत्‍तर – वर्ण । प्रश्‍न 6- जिन शब्दों में किसी प्रकार का विकार या परिवर्तन नही होता, उसे क्या कहते है। उत्‍तर – तत्सम । प्रश्‍न 7- कार्य के होने का बोध कराने वाले शब्द को क्या् कहते है। उत्‍तर – क्रिया कहते है। प्रश्‍न 8- भाषा के शुद्ध रूप का ज्ञान किससे होता है। उत्‍तर – व्याकरण से होता है। प्रश्‍न 9- विशेषण जिस शब्द की विशेषता बताते है, उसे क्या कहते है। उत्‍तर – विशेष्ये । प्रश्‍न 10- हिन्दी में लिंग का निर्धारण किस से होता है। उत्‍तर – संज्ञा से । प्रश्‍न 11- क्रिया का मूल रूप क्या् कहलाता है। उत्‍तर – धातु । प्रश्‍न 12- सर्वनाम के साथ प्रयुक्त होने वाली विभक्तियॉं होती है। उत्‍तर ...

जगद्गुरु रामभद्राचार्य के ‘अरूंधती’ महाकाव्य में स्त्री विमर्श

जगद्गुरु रामभद्राचार्य के  ‘अरूंधती’ महाकाव्य में स्त्री विमर्श   “ बंदउँ गुरु पद पदुम परागा।सुरुचि सुबास सरस अनुरागा।। अमिय मूरिमय चूरन चारु। समन सकल भव रुज परिवारू।।" जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी के चरण-कमलों की धूल की बंदना करता हूं।जो सुगंध स्वाद से भरपूर है, और जन्म - मृत्यु के सभी रोगों को नाश करने वाली संजीवनी बूटी के समान है। जगद्गुरु जी का 77 वें जन्मदिन  दिवस पर उनके श्री चरणों में कोटि-कोटि नमन। प्रथम अध्याय - प्रस्तावना  क-  जगतगुरु रामभद्राचार्य आचार्य जी का  साहित्यिक परिचय  ख-  एक प्रज्ञाचक्षु रचनाकार के रूप में उनकी विलक्षणता  ग-  महाकाव्य की परंपरा और अरुंधती संस्कृति और हिंदी महाकाव्य की        पृष्ठभूमि  घ-   अरुंधती का स्थान ङ-    शोध की प्रासंगिकता  च-  आधुनिक युग में इस महाकाव्य के अध्ययन की आवश्यकता द्वितीय अध्याय- क-  अरुंधती का कथानक और पात्र परिकल्पना  ख-कथानक के आधार पौराणिक संदर्भ और जगतगुरु द्वारा किया गया मौलिक नवाचार  ग- पात्र  परिचय अर...