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सुभाष चन्द्रिका (महाकाव्य)

सुभाष चंद्रिका            प्रथम सर्ग  शर्वरी थी अति भयानी, व्योग ज्यो॔ अंजन बरसता।  छा गयी निस्तब्धता थी, लुप्त भूतल की सरसता” घोर सन्नाटा चतुर्दिक, सनसनाता तिमिर तक्षक। विष भयंकर वमन करता- बढ़ रहा ज्यों रात्रि-रक्षक “ तमस का साम्राज्य मानो, हर दिशा थी मुँह छुपाये।  कर पसारे भी न सूझे,  कौन किसको पथ दिखाये।। छिप रहे तारे व्यथित उर, तिमिर घन आतंक से डर। कौमुदी अपनी समेटे, छिप गया निर्मल निशाकर " कभी रह-रह स्यार उल्लू के भयंकर शब्द होते। सुन सजग मानव भयातुर, विवश साहस धैर्य खोते ॥ कभी झींगुर झिल्लियों के, परुष स्वर देते सुनायी। साथ ही रीवें इन्हीं के, ध्वान्त को देते बधाई ।। निशिचरों का बोल-बाला, मनुज-कुल आँसू बहाता । स्वप्र के संसार में भी, तिमिर सागर में नहाता ॥ सिद्धि-दात्री! सिद्धि दो माँ ! मैं अकिञ्चन शरण आया। परम पावन चरण-रज दो, और अपनी मृदुल छाया" चाहता मति मन्द मैं- सामर्थ्य से भी अधिक पाना। ज्यों उडुप से मूढ़ चाहे, सिन्धु के उस पार जाना ॥ किन्तु मातः ! वर तुम्हारा, डूबते का हो सहारा। पार कर सकता सहज ही, सिन्धु तो क्या गगन सारा " ध...

डॉ मिथिलेश कुमार त्रिपाठी जीवन वृत्त

जीवन- वृत्त —------------------- नाम :- प्रोफेसर (डॉक्टर)मिथिलेश कुमार त्रिपाठी माता का नाम :- स्व०धनदेई पिता का नाम :- श्री रामबरन त्रिपाठी विवाहित/अविवाहित:-विवाहित(विधुर) जन्मतिथि :- 4 मार्च 1964 ई० जन्म स्थान :-  (उत्तर प्रदेश) स्थायी पता :- ग्राम :-  दहेंव पोस्ट :- बालवरगंज(सुजानगंज) जिला :- जौनपुर पिन कोड :- 222201 (उ प्र) जन्म-जनपद :- जौनपुर शिक्षा :-1 1- एम ए (हिन्दी) इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद 2-पी-एच०डी(हिन्दी) शीर्षक:- मानस की आध्यात्मिक भूमिका काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी 3-पीजीडीजेएमसी(पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन जर्नलिज्म ऐण्ड मास कम्युनिकेशन)उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, इलाहाबाद 4-डीएचईएन(डिप्लोमा इन हेल्थ एजुकेशन ऐण्ड न्यूट्रेशन)उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, इलाहाबाद अभिरुचि :- अध्ययन-अध्यापन,लेखन, जन-सेवा, साहित्यिक -सामाजिक-सांस्कृतिक-धार्मिक-आध्यात्मिक आदि मंचों पर व्याख्यान, जिज्ञासु बुद्धिजीवियों के लिए उनकी जिज्ञासा के समाधानार्थ दिशा- निर्देशन, तत्वचिन्तन- मनन,कृषि,बागव...

हिन्दी साहित्य से महत्वपूर्ण प्रश्न

(1) ” पद्मावत् ” कथा के लेखक हैं = मलिक मुहम्मद जायसी (2) ” युगवाणी ” के लेखक के = सुमित्रानंदन पंत (3) ” सूरसागर ” के रचयिता है = सूरदास (4) ” सतसई ” के रचनाकार है = बिहारी (5) ” प्रियप्रवास ” के लेखक हैं = अयोध्या सिंह उपाध्याय (6) ” यशोधरा ” पुस्तक के रचनाकार है = मैथिलीशरण गुप्त (7) ” भारत भारती ” के लेखक कौन है = मैथिलीशरण गुप्त (8) ” कामायनी ” की रचना किसने की = जयशंकर प्रसाद ने (9) ” जय पराजय ” के लेखक के = उपेन्द्रनाथ अश्क (10) ” चंद्रकांता संतति ” किसकी कृति है = देवकीनन्दन खत्री के (11) ” गोदान ” एवं ” गबन ” प्रसिद्ध पुस्तक के लेखक कौन है = मुन्शी प्रेमचंद (12) ” गोरा ” प्रसिद्ध उपन्यास है = रविन्द्र नाथ टैगोर की (13) ” मृगनयनी ” के लेखक कौन है = वृन्दावनलाल वर्मा (14) ” भारत दुर्दशा ” के रचनाकार है = भारतेन्दु हरिश्चंद्र (15) ” मैला आंचल ” किसकी कृति है = फणीश्वरनाथ रेणु के (16) ” गणदेवता ” किसकी रचना है = ताराशंकर बंधोपाध्याय के (17) ” चरित्रहीन ” किसकी रचना है = शरदचन्द्र चटर्जी के (18) मुगल शहजादी में से किसने प्रसिद्ध पुस्तक ” हुमायूँनामा ” लिखा = गुलबदन बेगम ने (19) ” च...

हिंदी साहित्य से महत्वपूर्ण प्रश्न -5

प्रेम सरोवर', 'प्रेम माधुरी' तथा 'प्रेम फुलवारी' किस कवि की कृतियां हैं? – भारतेंदु हरिश्चंद्र • प्रेमचंद का कौन सा उपन्यास अपूर्ण है? – मंगलसूत्र • प्रेमचंद का जन्म कहां हुआ था? – लमही • प्रेमचंद का प्रथम उपन्यास कौन सा है? – प्रेमा • प्रेमचंद का वास्तविक नाम क्या था? – धनपत राय • प्रेमचंद की कहानियों का संग्रह 'मानसरोवर' कितने भागों में प्रकाशित है? – आठ • प्रेमचंद के किस उपन्यास को ग्रामीण जीवन और कृषक संस्कृति का महाकाव्य कहा गया है? – गोदान • प्रेमचंद के किस कहानी-संग्रह की प्रतियां अंग्रेजी सरकार द्वारा जब्त करके जला दी गई? – सोजे वतन • प्रेमचंद द्वारा संपादित कौन सा पत्र प्रगतिशील लेखक संघ का मुख पत्र बना? – हंस • प्रेमचंद ने लगभग कितनी कहानियाँ लिखीं? – 300 से अधिक • प्रेमचंद पर लिखी शिवरानी देवी की कृति कौन सी है? – प्रेमचंद घर में • 'प्रेमचंदजी के साथ दो दिन' रचना किसकी है? – बनारसीदास चतुर्वेदी • 'प्लेग की चुडैल' कहानी किसकी है? – भगवान दीन • 'प्लॉट का मोरचा' रिपोर्ताज किसने लिखा है? – शमशेर बहादुर सिंह • फंता...

कामायनी के सन्दर्भ में विद्वानों का कथन

यूपी टीजीटी पीजीटी हिन्दी साहित्य कामायनी के सन्दर्भ में विद्वानों का कथन “वर्तमान हिंदी कविता में दुर्लभ कृति” – हजारी प्रसाद द्विवेदी “विश्व साहित्य का आठवाँ काव्य ” – श्याम नारायण “आधुनिक हिंदी कविता का रामचरित मानस” – रामनाथ सुमन “विराट सामंजस्य की सनातन गाथा” – विश्वम्भरनाथ मानव “आर्ष ग्रन्थ” – डॉ. नागेन्द्र “आधुनिक हिंदी काव्य का सर्वाधिक महत्वपूर्ण ग्रन्थ” – शुक्ल जी “मधुरस से सिक्त महाकाव्य” – रामरतन भटनागर “मानवता का रसात्मक इतिहास” – नन्द दुलारे वाजपेयी “कामायनी समग्रता में समासोक्ति का विधान लक्षित करती है” – डा. नागेन्द्र “इसकी अन्तेर्योजना त्रुटिपूर्ण और समन्वित प्रभाव की दृष्टि से दोषपूर्ण है” – शुक्ल जी “छायावाद का उपनिषद” – शांतिप्रिय द्विवेदी “फंतासी कृति” – मुक्तिबोध “एक क्म्पोजीसन” – रामस्वरूप चतुर्वेदी “यह अपने आप में चिति का विराट वपु मंगल है – डॉ. बच्चन सिंह सर्वोत्तम महाकाव्य है- हरदेव बाहरी 1. कामायनी मानव चेतना का महाकाव्य है।यह आर्ष ग्रन्थ है।–नगेन्द्र 2. कामायनी फैंटेसी है।- मुक्तिबोध 3.कामायनी एक असफल कृति है।- इन्द्रनाथ मदान 4. कामायनी नये युग का प्रतिनिधि ...

यू पी टीजीटी पीजीटी हिन्दी साहित्य -9

यूपी टीजीटी पीजीटी हिन्दी साहित्य 1 - सम्पूर्ण साहित्य को फैंटेसी का एक प्रकार कहा है ? -- फ्रायड ने 2- कृति को फैंटेसी की पुत्री कहा है ? -- मुक्तिबोध ने 3- फैंटेसी को अनुभव की कन्या कहा है ? -- मुक्तिबोध ने 4- "फैंटेसी एक झीना पर्दा है जिसमें जीवन तथ्य झांक उठते है" कथन है? -- मुक्तिबोध का 5- प्रसाद कृत कामायनी को विशाल फैंटेसी माना है ? -- मुक्तिबोध ने 6- मुक्तिबोध की कौनसी रचना "एक विराट स्वप्न फैंटेसी" मानी जाती है ? -- अंधेरे में 7- मुक्तिबोध का फैंटेसी लेखन का प्रयोजन है ? -- दोषयुक्त मानव या संसार के प्रति नवीन दृष्टिकोण से विचार करना 8- "वह फैंटेसी ही क्या जिसमें ---------- न हो " मुक्तिबोध के इस कथन में रिक्त स्थान में आऐगा ? -- असंगति 9- मुक्तिबोध ने अपनी किस कृति में फैंटेसी की विवेचना की है ? -- "एक साहित्यिक की डायरी" में 10- "फैंटेसी में मन की निगूढ वृत्तियों का, अनुभूत जीवन समस्याओं का और इच्छित जीवन स्थितियों का प्रक्षेप होता है। --------" कथन है ? -- मुक्तिबोध का 11- "फैंटेसी मनोविज्ञान का शब्द है," -- डा बच्...

प्रसिद्ध पंक्तियां

कवियों एवं लेखको की प्रसिद्ध पंक्तियां  ०1. ’तोडने ही होंगे मठ और गढ सब’ किसकी पंक्ति है? उत्तर——– मुक्तिबोध ०2. ’द्रुत झरो जगत के जीर्णपत्र’ पंक्ति के रचनाकार कौन हैं? उत्तर——– सुमित्रानन्दन पन्त ०3. ’उत्तर प्रियदर्शी’किसकी गीति-नाट्य रचना है? उत्तर——– अज्ञेय ०4. ’केसव कहि न जाइका कहिए! देखत तब रचना बिचित्र अति,समुझि मनहि मन रहिए!’ किसकी पंक्ति है? उत्तर——– तुलसीदास ०5. ’रावरे रूपको रीति अनूप, नयो नयो लागतज्यों ज्यों निहारिये’ -किसकी पंक्ति है? उत्तर——– घनानन्द ०6. प्रसिद्ध हिन्दी पत्रिका ’कल्पना’ कहॉं से प्रकाशित होती थी? उत्तर——– हैदराबाद ०7. ’कोमल गांधार’ नाटक के रचनाकार कौन हैं? उत्तर——– शंकर शेष ०8. ’मुक्ति का रहस्य’नाटक किसकी कृति है? उत्तर——– लक्ष्मीनारायण मिश्र ०10. ’हिन्दी साहित्य का वैज्ञानिक इतिहास’ किसकी कृति है? उत्तर——– गणपतिचन्द्र गुप्त ०11. ’हिन्दी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास’ के रचनाकार कौन हैं? उत्तर——– डॉ0 रामकुमार वर्मा ०12. ’हिन्दी साहित्य की संवेदना का विकास’ किसकी रचना है? उत्तर——- रामस्वरूप चतुर्वेदी ०13. ’कवि कुछ ऐसी तान सुनाओ जिससे उथल पुथल मच जाए’ किसकी...