📝 भक्तिकाल- - आचार्य शुक्ल ने भक्तिकाल का वर्गीकरण निम्न प्रकार से किया है- भक्ति काल निगुण (ज्ञानाश्रयी) (प्रेयाश्रयी) संतकाव्य सूफी काव्य सगुण- रामकाव्य कृष्णकाव्य ( कबीर/ जायसी /तुलसीदास/ सूरदास) ✅ प्रमुख आचार्य एवं सिद्धान्त (सम्प्रदाय) - 1. अद्वैतवाद - शंकराचार्य 2. विशिष्टाद्वैतवाद - रामानुजाचार्य 3. द्वैतवाद (ब्रह्मवाद) - मध्वाचार्य 4. द्वैताद्वैतवाद - निम्बकाचार्य 5. शुद्धादतै वाद - विष्णु स्वामी/वल्लभाचार्य 6. सखी/हरिदासी सम्प्रदाय- हरिदास 7. राधावल्लभी सम्प्रदाय - हितहरिवंश 8. रामावत सम्प्रदाय - रामानन्द 9. श्री सम्प्रदाय - रामानुजाचार्य ✅ संत काव्य की प्रमुख प्रवृतियाँ - - निर्गुण निराकार ब्रह्म की उपासना। - गुरू की महिमा - ज्ञान की महिमा। - रहस्यात्मकता-साधनात्मक एवं भावनात्मक रहस्यवाद - बाहरी आडम्बरों का विरोध - मानवतावादी दृष्टिकोण - नारी विषयक दृष्टिकोण - जाति प्रथा के विरूद्ध - संसार की असारता का निरूपण - उलटबांसी शैली का प्रयोग - अपरिष्कृत भाषा - आचार्य शुक्ल ने इसे सधुकड़ी या पंचमेल खिचड़ी भाषा में कहा है। - भाव पक्ष की प्रधानता ✅ प्रमुख संत एवं उनकी रचनाएं - 1. कबी...
साहित्य प्रेमियों, साहित्य के साधक और साहित्य का अध्ययन करने वाले सभी बंधुओं को यह ब्लॉग समर्पित है।🙏🙏