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डॉ मिथिलेश कुमार त्रिपाठी एसोसिएट प्रोफेसर पी जी कालेज पट्टी प्रतापगढ़ लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भारतीय काव्य शास्त्र

डॉ मिथिलेश कुमार त्रिपाठी  एसोसिएट प्रोफेसर/ कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना पीजी कॉलेज पट्टी प्रतापगढ़                  भारतीय काव्यशास्त्र महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर :- 🔴वास्तविक काव्यलक्षण का प्रारंभ किस आचार्य से होता है जिन्होंने शब्द और अर्थ के सहभाव (शब्दार्थोसहितौ काव्यम् ) को काव्य की संज्ञा दी है --> भामह से 🔴शब्द अर्थ संगम सहित भरे चमत्कृत भाय। जग अद्भुत में अद्भुतहिँ , सुखदा काव्य बनाए ॥ पंक्ति है --> ग्वाल कवि (रसिकानंद) 🔴प्रतिभा के दो भेद (सहजा और उत्पाद्या ) किसने किये --> रुद्रट ने 🔴प्रतिभा को काव्य निर्माण का एकमात्र हेतु मानने के कारण किस आचार्य के प्रतिभावादी कहा जाता है --> पंडितराज जगन्नाथ को 🔴प्रतिभा के दो भेद 'कारयित्री' और 'भावयित्री' किस आचार्य ने किए हैं --> राजशेखर ने 🔴भावयित्री प्रतिभा किसमे होती है --> सहृदय में 🔴भारतीय काव्यशात्र में 'भावक' से अभिप्राय है? --> सहृदय या आलोचक से 🔴"शरीरं तावदिष्टार्थ व्यवच्छिन्ना पदावली" कथन किसका है--> दण्डी का 🔴रीति सिद्धांत की उपलब्धि ...