सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

विश्व हिन्दी सम्मेलन

☑ अभी तक आयोजित विश्व हिन्दी सम्मेलन इस प्रकार से हैं:

1. प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन नागपुर, भारत 10-12 जनवरी,1975

2. द्वितीय विश्व हिन्दी सम्मेलन पोर्ट लुई, मॉरीशस 28-30 अगस्त,1976

3. तृतीय विश्व हिन्दी सम्मेलन नई दिल्ली, भारत 28-30 अक्टूबर,1983

4. चतुर्थ विश्व हिन्दी सम्मेलन पोर्ट लुई,मॉरीशस 02-04 दिसम्बर,1993

5. पांचवां विश्व हिन्दी सम्मेलन पोर्ट ऑफ स्पेन,ट्रिनिडाड एण्ड टोबेगो 04-08 अप्रैल,1996

6. छठा विश्व हिन्दी सम्मेलन लंदन,यू. के. 14-18 सितम्बर,1999

7. सातवां विश्व हिन्दी सम्मेलन पारामारिबो,सूरीनाम 06-09 जून, 2003

8. आठवां विश्व हिन्दी सम्मेलन न्यूयार्क,संयुक्त राज्य अमरीका 13-15जुलाई, 2007

9. नौवां विश्व हिंदी सम्मेलन जोहांसबर्ग, दक्षिण अफ्रीका 22-24 सितंबर, 2012

10. दसवां विश्व हिंदी सम्मेलन भोपाल, भारत
10-12 सितम्बर 2015

11.~प्रस्तावित ~11 वाँ विश्व हिंदी सम्मेलन मॉरीशस में 18-20 अगस्त 2018 तक आयोजित किया जायेगा

◼भारत के अलावा मॉरीशस ही दुनिया का एक मात्र देश है जो 11वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के आयोजन द्वारा तीसरी बार विश्व हिन्दी सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।

◼11वें विश्व हिन्दी सम्मेलन का पहला सत्र "भोपाल से मॉरीशस तक” होगा जिसमें 10वें विश्व हिन्दी सम्मेलन में पारित अनुशंसाओं पर की गई कार्रवाई से संबन्धित एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। 11वां विश्व हिन्दी सम्मेलन तकनीक और डिजिटल प्रकाशन को भी समर्पित होगा।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हिन्दी साहित्य की कुछ मिलती जुलती नामों वाली रचनाएं

हिन्दी साहित्य की कुछ मिलती-जुलती नामों वाली रचनाएँ।।।। कफ़न (कहानी) प्रेमचंद   तिरंगे कफ़न (कहानी) अमृत राय कफ़न खोर (उपन्यास) बटरोही अपराजिता (काव्य)~रामेश्वर शुक्ल अंचल।। अपराजिता (उपन्यास)~चतुरसेन शास्त्री।। नीली झील (कहानी)~कमलेश्वर।। नीली झील (एकांकी)~धर्मवीर भारती अर्धनारीश्वर (उपन्यास)~विष्णु प्रभाकर अर्धनारीश्वर (निबंध)~दिनकर एक पति के नोट्स (उपन्यास)~महेंद्र भल्ला एक पत्नी के नोट्स (उपन्यास)~ममता कालिया एक कस्बे के नोट्स(उपन्यास)~नीलेशरघुवंशी त्रिशंकु (कथा संग्रह)~मन्नू भंडारी त्रिशंकु (नाटक)~ब्रजमोहनसिंह त्रिशंकु (निबंध)~अज्ञेय अनित्य (उपन्यास)~मृदुला गर्ग अनित्य (कहानी)~ बदी उज्जमा पंच परमेश्वर (कहानी)~प्रेमचंद पंच परमेश्वर (कहानी)~रांगेय राघव झूठा सच (उपन्यास)~यशपाल झूठ सच (निबंध)~सिया राम शरण गुप्त काली आँधी (उपन्यास)~कमलेश्वर पीली आँधी (उपन्यास)~प्रभाखेतान द्रौपदी (प्रबंध काव्य)~नरेंद्र शर्मा द्रौपदी (उपन्यास)~प्रतिभा राय द्रौपदी (नाटक)~सुरेंद्रवर्मा बाँधो न नाव इस ठाँव (उपन्यास)~उपेन्द्र नाथ अश्क बाँधो न नाव इस ठाँव (काव्य)~निराला सं...

सठोत्तरी कविता

 सन् साठ के बाद भारतीय जनता में निराशा की भावना बढ़ने लगी थी । समाज एवं राजनीति में चारों और हाहाकार मचा हुआ था । आम आदमी गरीबी, महंगाई आदि अनेक कारणों से शोषण की चक्की में पिसा जा रहा था । जिसके कारण जनमानस विचलित हो गया था । राजनीति के मूल्य विघटन ने भाई-भतीजावाद एवं कुर्सीवाद को प्रोत्साहन दिया । देश एवं आम आदमी के प्रगति करने की जगह राजनेता, सत्ताधारी अपनी तिजोरियाँ भरने लगे। सन् १९४७ में स्वतंत्रता के समय भारत-पाक बटवारा, शरणार्थियों की समस्या, सन् १९६२ में चीन से युद्ध, १९६५ और १९७१ में पाकिस्तान से हुए युद्धों के कारण भारत की आर्थिक स्थिति और दयनीय बनती गई । इन तीनों युद्धों ने भारत को एक महत्त्वपूर्ण सबक सिखलाया और हमारी अनेक कमजोरियों हमें अवगत कराया । वही दूसरी ओर राजनीतिक भ्रष्टाचार, सामाजिक कुरीतियाँ, पाखण्ड अंधश्रद्धा, उँच-नीच आदि के कारण देश में अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई थी । चुनाव जीतने के समस्त नारे कुर्सी हथियाने के बाद खोखले साबीत हुए । इन परिस्थितियों ने युवा पीढ़ी में कुंठा, निराशा, विद्रोह और आक्रोश को भर दिया । जिसके साक्षात्कार हमें साठोत्तरी काव्य में ह...

समास

Samas(Compound)(समास) समास(Compound) की परिभाषा- अनेक शब्दों को संक्षिप्त करके नए शब्द बनाने की प्रक्रिया समास कहलाती है।  दूसरे अर्थ में-  कम-से-कम शब्दों में अधिक-से-अधिक अर्थ प्रकट करना 'समास' ...