सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

महत्वपूर्ण कथन

हिंदी साहित्य महत्वपूर्ण प्रश्न


"महत्वपूर्ण कथन"


▪ तुलसीदास को हिंदी का धर्मध्वज किसने कहा है?-
उत्तर::::——-चतुरसेन शास्त्री
▪ नाथों की भाषा को फक्कडी भाषा किसने कहा है?
उत्तर:::::——–चतुरसेन शास्त्री
▪ सिद्धों की भाषा को आलो आंधारी भाषा किसने कहा है?
उत्तर:::——हरप्रसाद शास्त्री
▪ यह तो जगजाहिर है की रामानंद के बारह शिष्य थे
लेकिन किस आलोचक ने कहा की रामानंद के बारह नहीं साढे बारह शिष्य थे?
उत्तर::::——–नागरी प्रचारणी पत्रिका मे ।
▪ पृथ्वीराज रासो को हिंदी का वृहत् महाभारत किसने कहा है?
उतर-::::::———दशरथ शर्मा
▪ कबीर को अवधी का प्रथम कवि किसने माना है
उतर :::::::———बाबूराम सक्सेना

▪ मिश्रबंधुओं ने हिंदी का सबसे उद्दण्ड कवि किसे माना है?
उतर:::———बेताल बंदीजन
▪ मिश्रबंधुओं ने किस रीतिमुक्त कवि को ओऊल नंबर का रसिया कहा है?
उतर::——— ठाकुर जी
▪ मिश्रबंधुओं ने अष्टछाप का नौवां कवि किसे माना है?
उतर::::——–नागरीदास


▪ मिश्रबंधुओं ने पुर्वालंकृतकाल का सबसे बडा आचार्य किसे माना है?
उत्तर::::::——-चिंतामणि
▪ मिश्रबंधुओं ने उत्तरालंकृत काल का सबसे बडा.कवि किसे माना है?
उतर::::::——भिखारीदास जी
▪ मिश्रबंधुओं ने पुर्वालंकृतकाल का सबसे बडा कवि किसे माना है?
उतर:::——सेनापति
▪ मिश्रबंधु विनोद को हिंदी साहित्य का पंचांग किसने कहा है?
उत्तर::—डॉ नामवर सिंह
▪ शिवसिंह सरोज किस भाषा मे लिखा गया है
उत्तर::—-हिंदी में
▪ गुरुग्रंथ साहब में कुल कितने संत कवियो के पद है?
उतर:—17
▪ नंददास जडिया और कवि गढिया यह तो जगजाहिर है
लेकिन वो एक भक्त कवि कौन है जिसे ‘जडिया और गढियां’ भक्त कवि कहा जाता है?
उतर:::——तुलसीदास जी

▪ रीतिकाल का वह कवि जिसने खडी बोली हिंदी में सीतवसंत नामक (प्रबन्धरूप में)कहानी लिखी थी?
उतर:::——चन्दन कवि
▪ रीतिकाल के किस कवि का उपनाम ‘काष्ठ जिह्वा स्वामी’ था?
उतर::——देव बनारस वाले
▪ हिंदी का प्रथम जयकाव्य कौनसा है?
उतर::—–खुमाण रासो
▪ मिश्रबंधुओं ने हिंदी का प्रथम नाटककार किसे माना है?
उतर::——विद्यापति जी को
▪ मिश्रबंधुओ ने हिंदी का प्रथम इतिहास सहायक किसे माना है
एवं किस ग्रंथ को प्रथम प्रथम इतिहास सहायक ग्रंथ माना है?
उतर:::———शिव सिंह सरोज

▪ कहा जाता है कि सेनापति ने अपने अंतिम समय मे क्षैत्रसन्न्यास ले लिया था
यहा क्षैत्र सन्न्यास का क्या मतलब है?
उतर:::——-अपने निवास स्थान से बाहर न निकलना ।सेनापति ने वृन्दावन से निकलना बन्द कर दिया था ।
▪ मिश्रबंधुओं ने किस कवि को हिंदी का प्राचीन समालोचक माना है?
उतर:::——भिखारीदास जी को
▪ मिश्रबंधुओ ने हिंदी का चासर किसे कहा है?
उतर:::——चन्दबरदाई जी को
▪ “देव हिन्दी के भिखारी कवि है|” वाक्य किस विद्वान का है?
उतर——लाला भगवानदीन
▪ बिहारी सतसई को आजमशाही किसने कहा था और क्यू कहा था?
उतर::——-मिस्रबन्धुओ ने कहा :—–आज बिहारी सतसई दोहों का जो क्रम मिलता है वो सर्वप्रथम आजमशाह ने करवाया था ।

▪ पल्लव को छायावाद का घोषणा पत्र किसने कहा?
उतर:::——रामधारी सिंह दिनकर जी
▪ निराला को छंदो का राजा किसने कहा ?
उतर::——डॉ नामवर सिंह जी ने ।
▪ बिहारी की कविता(सतसई) को हिंदी का श्रृंगार किसने कहा है?
उत्तर::——-आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी
▪ बिहारी को भाषा का पण्डित किसने कहा है?
उतर::——विश्वनाथ प्रसाद मिश्र जी ने
▪ मिश्रबंधुओं ने हिंदी का सर्वश्रेष्ठ वर्तमान गद्य लेखक किसे माना है?
उतर::—–आचार्य चतुसेन शास्त्री
▪ रामकुमार वर्मा रचित ‘हिंदी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास’ ग्रंथ को किसने हिंदी सआहित्य का एक रिसर्च वर्क -डाक्टरेट के लिए लिखा गया एक थीसेस कहा है?
उत्तर:::—–मिस्रबन्धु
▪ कृष्ण काव्य धारा में स्वच्छंद काव्य धारा के प्रवर्त्तक कवि है??
उतर::::——–रसखान
▪ कबीर का वह शिष्य कौन था जो बीजक को लेखर भाग गया था?
उत्तर::—–भगवानदास
▪ किस विद्वान ने सूर के ग्रंथ सूरसारावली को एक वृहत् होली गीत कहा है?
उतर:::——-मुंशी राम शर्मा ।​
यूपी टीजीटी पीजीटी हिन्दी साहित्य

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हिन्दी साहित्य की कुछ मिलती जुलती नामों वाली रचनाएं

हिन्दी साहित्य की कुछ मिलती-जुलती नामों वाली रचनाएँ।।।। कफ़न (कहानी) प्रेमचंद   तिरंगे कफ़न (कहानी) अमृत राय कफ़न खोर (उपन्यास) बटरोही अपराजिता (काव्य)~रामेश्वर शुक्ल अंचल।। अपराजिता (उपन्यास)~चतुरसेन शास्त्री।। नीली झील (कहानी)~कमलेश्वर।। नीली झील (एकांकी)~धर्मवीर भारती अर्धनारीश्वर (उपन्यास)~विष्णु प्रभाकर अर्धनारीश्वर (निबंध)~दिनकर एक पति के नोट्स (उपन्यास)~महेंद्र भल्ला एक पत्नी के नोट्स (उपन्यास)~ममता कालिया एक कस्बे के नोट्स(उपन्यास)~नीलेशरघुवंशी त्रिशंकु (कथा संग्रह)~मन्नू भंडारी त्रिशंकु (नाटक)~ब्रजमोहनसिंह त्रिशंकु (निबंध)~अज्ञेय अनित्य (उपन्यास)~मृदुला गर्ग अनित्य (कहानी)~ बदी उज्जमा पंच परमेश्वर (कहानी)~प्रेमचंद पंच परमेश्वर (कहानी)~रांगेय राघव झूठा सच (उपन्यास)~यशपाल झूठ सच (निबंध)~सिया राम शरण गुप्त काली आँधी (उपन्यास)~कमलेश्वर पीली आँधी (उपन्यास)~प्रभाखेतान द्रौपदी (प्रबंध काव्य)~नरेंद्र शर्मा द्रौपदी (उपन्यास)~प्रतिभा राय द्रौपदी (नाटक)~सुरेंद्रवर्मा बाँधो न नाव इस ठाँव (उपन्यास)~उपेन्द्र नाथ अश्क बाँधो न नाव इस ठाँव (काव्य)~निराला सं...

सठोत्तरी कविता

 सन् साठ के बाद भारतीय जनता में निराशा की भावना बढ़ने लगी थी । समाज एवं राजनीति में चारों और हाहाकार मचा हुआ था । आम आदमी गरीबी, महंगाई आदि अनेक कारणों से शोषण की चक्की में पिसा जा रहा था । जिसके कारण जनमानस विचलित हो गया था । राजनीति के मूल्य विघटन ने भाई-भतीजावाद एवं कुर्सीवाद को प्रोत्साहन दिया । देश एवं आम आदमी के प्रगति करने की जगह राजनेता, सत्ताधारी अपनी तिजोरियाँ भरने लगे। सन् १९४७ में स्वतंत्रता के समय भारत-पाक बटवारा, शरणार्थियों की समस्या, सन् १९६२ में चीन से युद्ध, १९६५ और १९७१ में पाकिस्तान से हुए युद्धों के कारण भारत की आर्थिक स्थिति और दयनीय बनती गई । इन तीनों युद्धों ने भारत को एक महत्त्वपूर्ण सबक सिखलाया और हमारी अनेक कमजोरियों हमें अवगत कराया । वही दूसरी ओर राजनीतिक भ्रष्टाचार, सामाजिक कुरीतियाँ, पाखण्ड अंधश्रद्धा, उँच-नीच आदि के कारण देश में अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई थी । चुनाव जीतने के समस्त नारे कुर्सी हथियाने के बाद खोखले साबीत हुए । इन परिस्थितियों ने युवा पीढ़ी में कुंठा, निराशा, विद्रोह और आक्रोश को भर दिया । जिसके साक्षात्कार हमें साठोत्तरी काव्य में ह...

समास

Samas(Compound)(समास) समास(Compound) की परिभाषा- अनेक शब्दों को संक्षिप्त करके नए शब्द बनाने की प्रक्रिया समास कहलाती है।  दूसरे अर्थ में-  कम-से-कम शब्दों में अधिक-से-अधिक अर्थ प्रकट करना 'समास' ...