डॉ मिथिलेश कुमार त्रिपाठी जीवन वृत्त
जीवन- वृत्त
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नाम :- प्रोफेसर (डॉक्टर)मिथिलेश कुमार त्रिपाठी
माता का नाम :- स्व०धनदेई
पिता का नाम :- श्री रामबरन त्रिपाठी
विवाहित/अविवाहित:-विवाहित(विधुर)
जन्मतिथि :- 4 मार्च 1964 ई०
जन्म स्थान :- (उत्तर प्रदेश)
स्थायी पता :-
ग्राम :- दहेंव
पोस्ट :- बालवरगंज(सुजानगंज)
जिला :- जौनपुर
पिन कोड :- 222201 (उ प्र)
जन्म-जनपद :- जौनपुर
शिक्षा :-1
1- एम ए (हिन्दी) इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद
2-पी-एच०डी(हिन्दी) शीर्षक:- मानस की आध्यात्मिक भूमिका
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी
3-पीजीडीजेएमसी(पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन जर्नलिज्म ऐण्ड मास कम्युनिकेशन)उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, इलाहाबाद
4-डीएचईएन(डिप्लोमा इन हेल्थ एजुकेशन ऐण्ड न्यूट्रेशन)उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, इलाहाबाद
अभिरुचि :-
अध्ययन-अध्यापन,लेखन, जन-सेवा, साहित्यिक -सामाजिक-सांस्कृतिक-धार्मिक-आध्यात्मिक आदि मंचों पर व्याख्यान, जिज्ञासु बुद्धिजीवियों के लिए उनकी जिज्ञासा के समाधानार्थ दिशा- निर्देशन, तत्वचिन्तन- मनन,कृषि,बागवानी, आयुर्वेदिक एवं ज्योतिषशास्त्रीय ग्रन्थों का अनुसन्धानपरक अध्ययन,आर्ष ग्रन्थों में जीवन-सूत्रों की खोज, भारतीय साहित्य एवं संस्कृति से सम्बन्धित भ्रामक दुष्प्रचारों के तर्कसिद्ध एवं प्रमाणपुष्ट खण्डन में अभिरुचि आदि।
कार्यानुभव :-
प्रान्तीय, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों एवं कार्यशालाओं में शोधपत्र-वाचन एवं विशिष्ट अतिथि,मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट वक्ता के रूप में व्याख्यान, अध्यक्षीय उद्बोधन, ग्रन्थ-लेखन, अध्यापन, आकाशवाणी केन्द्रों पर काव्यपाठ एवं वार्ता ,पशु-सेवा आदि के साथ-साथ ग्रन्थ एवं पत्रिकाओं का सह सम्पादन/सम्पादन एवं पर्यावरण जागरूकता अभियान का संचालन।
कार्य-वृत्त :-
1-प्रोफेसर एवं अध्यक्ष हिन्दी विभाग स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी, प्रतापगढ़ (उ प्र)
सम्बद्ध
प्रोफेसर राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय,प्रयागराज (उ प्र)
2-प्रभारी पुस्तकालय अधीक्षक स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी,
प्रतापगढ़ (उ प्र)
3-परामर्शदाता हिन्दी स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षा, उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज
4-नोडल अधिकारी छात्रवृत्ति स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी, प्रतापगढ़ (उ प्र)
5-परीक्षा-प्रभारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी,प्रतापगढ़
6-सदस्य एवं संयोजक प्रवेश-समिति
7-कुलानुशासक बी ए भाग तीन
8-प्रधान सम्पादक महाविद्यालयीय वार्षिक पत्रिका "अवध प्रतिभा"
अध्यक्ष शिक्षक संघ स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी,
प्रतापगढ़
9-संयोजक ‘शुल्क मुक्ति समिति’ स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी, प्रतापगढ़
10-संयोजक भाजपा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ विधानसभा-क्षेत्र पट्टी, प्रतापगढ़
11-अध्यक्ष अखिल भारतीय साहित्य परिषद काशी प्रांत जनपद जौनपुर,
12-अध्यक्ष विश्व हिन्दी परिषद जनपद जौनपुर (उत्तर प्रदेश)के साथ-साथ अन्य अनेक साहित्यिक,सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्थाओं के अध्यक्ष, संयोजक ,सचिव, उपाध्यक्ष आदि पदों पर पदासीन,
प्रकाशित कृतियाॅं :-
1-”दूध:अमृत या विष” (स्वास्थ्य शिक्षापरक ग्रन्थ)प्रकाशन-वर्ष 2008
2-”अर्धांगिनी” महाकाव्य(पुरस्कृत) प्रथम संस्करण मई 2022, द्वितीय संस्करण मार्च 2024, नारी- जीवन पर आधारित सम्वेदनापूर्ण एवं शिक्षाप्रद ग्रन्थ
3-”महावीरोदय” (पुरस्कृत) द्वितीय संस्करण 2023,श्री हनुमान जी के जीवन पर आधारित वीर एवं रौद्र रसात्मक प्रबन्ध काव्य(नौ सर्गों में)
4-’’काव्य-कलश” प्रकाशन -वर्ष 2024,(अनुभूति, अध्ययन एवं श्रुत ज्ञान पर आधारित शिक्षाप्रद स्वरचित कविताओं का संग्रह )
5-”छन्दाञ्जलि”, प्रकाशन-वर्ष मई 2024(कल्पना यथार्थ एवं अनुभूत सत्य पर आधारित स्वरचित कविताओं का संग्रह)
6-”सीख सुहानी” मुक्तक काव्य,प्रकाशन-वर्ष 2025,(जीवन एवं जगत से संबंधित कटु-मधुर अनुभवों पर आधारित रसात्मक कविताऍं।
सम्पादन :-
1-कर्मयोगी(अभिनन्दन ग्रन्थ)सदस्य कृतित्व विभाग
2-दर्पण (अभिनन्दन ग्रन्थ) प्रधान सम्पादक
3-अवध-प्रतिभा (वार्षिक) प्रधान सम्पादक
4-सोशल हेराल्ड (चातुर्मासिक) जर्नल उप सम्पादक
5-अभिदेशक (त्रैमासिक) सह सम्पादक
6-शोध मार्तंड (अर्धवार्षिक) अन्तर्राष्ट्रीय जर्नल सदस्य सलाहकार समिति
7-विजय श्री (अभिनन्दन ग्रन्थ) सदस्य संम्पादक-मण्डल
8-भारतीय संस्कृति एवं मानवाधिकार (पुस्तक) सह सम्पादक
9-सृजन (अभिनन्दन ग्रन्थ) सदस्य सम्पादक मण्डल
10-मध्यकालीन काव्य दर्पण (पुस्तक) सह सम्पादक
11-मठ मयूखिनी (अर्द्ध वार्षिक पुस्तिका) सह समपादक
प्रकाशनाधीन/अप्रकाशित कृतियाॅं :-
1-मानस की आध्यात्मिक भूमिका (शोध प्रबन्ध)
2-शूर्पणखा (कथालोचन)
3-रावण (कथालोचन) अपूर्ण
4-मानस पंचामृत (शोध निबन्धात्मक ग्रन्थ)
5-मानस सप्तामृत(शोध निबन्धात्मक ग्रन्थ)
6-तुलसी मानस के राम (कथालोचन) अपूर्ण
7-निबन्ध निर्झर (विविध विषयों से सम्बन्धित शोध निबन्धों का संग्रह)
8-श्री रामचरितमानस का वैज्ञानिक अध्ययन (अपूर्ण)
9-श्री रामचरितमानस का आरोग्य शास्त्रीय अध्ययन(अपूर्ण )
10-तुलसी-मानस में नारी-जीवन (स्त्री विमर्स से सम्बन्धित ग्रन्थ(अपूर्ण)
11-पौराणिक कथा-प्रसंगों की शाश्वत प्रासांगिकता (अपूर्ण)
12-कवितायतन(मुक्तक काव्य)
13-कविताञ्जलि (मुक्तक काव्य)
14-जीवनानुभूति (मुक्तक काव्य)
15-पराम्बा(महाकाव्य)शीघ्र प्रकाश्य
16-काल-प्रवाह (मुक्तक काव्य)
17-महामनस्वी (महाकाव्य) शीघ्र प्रकाश्य
18-आचार्य चाणक्य (महाकाव्य) अपूर्ण
19-भरत भद्र (महाकाव्य) अपूर्ण
20-अवधी अवध (स्वरचितअवधी कविताओं का संग्रह)
21-भगवान शंकर और समाज (कथालोचन) अपूर्ण
हिन्दी के विकास के लिए किये गये उल्लेखनीय कार्य :-
1-हिन्दी भाषा,साहित्य, साहित्यशास्त्र एवं अनेक अन्य विषयों से सम्बन्धित शताधिक शोध निबन्ध/लेख अनेक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं-शोध पत्रिकाओं,शोध-ग्रन्थों में प्रकाशित।
2-विभिन्न संगोष्ठियों (राष्ट्रीय, अंतरृराष्ट्रीय एवं सभाओं तथा बैठकों में हिंदी-माहात्म्य विषयक व्याख्यान।
3-छात्र-छात्राओं को हिन्दी में संवाद एवं देवनागरी लिपि में लेखन के लिए प्रोत्साहन एवं प्रेरणा।
4-छात्र-छात्राओं को हिन्दी में कविता, कहानी,निबन्ध, एकांकी आदि विधाओं में लेखन के लिए प्रोत्साहन।
5-अंग्रेजी में व्याख्यान दे रहे विद्वानों से हिन्दी बोलने का आग्रह ।
6-अंग्रेजी माध्यम के व्याख्यान-मंचों पर हिन्दी में व्याख्यान।
लेखन-विधा :- कविता, कहानी ,निबन्ध, समीक्षा ,शोध निबंध, कथालोचन, संस्मरण ,यात्रावृत्त, एकांकी, नाटक, उपन्यास, आदि।
शिक्षा के क्षेत्र में योगदान :-
1-नियमित अध्यापन।
2-प्रेरणाप्रद एवं ज्ञानवर्धक शिक्षण के द्वारा शिक्षार्थियों के व्यक्तित्व को स्वर्ण पदक की प्राप्ति के योग्य बनाना।
3-विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त केन्द्राध्यक्ष के रूप में विभिन्न महाविद्यालयों में परीक्षा संपन्न कराना।
4-आन्तरिक एवं बाह्य परीक्षक के रूप में विभिन्न विश्वविद्यालयों में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन एवं मौखिक परीक्षाओं को संपन्न करना/कराना।
5-विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त विषय विशेषज्ञ के रूप में साक्षात्कार द्वारा सहायक आचार्यों की चयन-प्रक्रिया में सहयोग
6-शोध-परियोजनाओं एवं लघु शोध प्रबन्धों का निर्देशन एवं मूल्यांकन।
7-स्नातक एवं स्नातकोत्तर हिन्दी के परीक्षा-प्रश्नपत्रों का निर्माण।
8-कवि-लेखकों के मौलिक ग्रन्थों का भूमिका-लेखन।
9-पुस्तक-समीक्षा-लेखन।
10-विश्वविद्यालय द्वारा गठित निरीक्षक- मंडल में सदस्य के रूप में महाविद्यालयों का निरीक्षण एवं सत्यापन।
राष्ट्रहित के कार्य :-
1-राष्ट्रभाषा हिन्दी एवं देवनागरी लिपि का प्रचार-प्रसार।
2-आदिवासियों की जीवन-दशा का अध्ययन।
3-लोक-जीवन एवं लोक संस्कृति का अध्ययन।
4-समाज-सेवा।
5-ग्रामवासियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना।
6-रचनाओं द्वारा भारतीय राजनीति को दिशा-निर्देश एवं विश्व-जीवन को शान्ति-संदेश।
7-रचनात्मक कार्यों द्वारा व्यक्ति-जीवन से लेकर विश्व-जीवन तक की समस्याओं को उठाकर समाधान का मार्ग-दर्शन।
8-कार्यक्रमाधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी, प्रतापगढ़ के रूप में सामान्य एवं विशेष शिविर लगाकर स्वच्छता अभियान चलाना, जागरूकता रैलियां निकालना, स्वयं के साथ-साथ शिविरार्थियों से भी श्रमदान कराना एवं उन्हें विभिन्न प्रकार के जीवनोपयोगी खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित करना, महाविद्यालय में सारगर्भित व्याख्यान कराना,सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करना आदि।
सम्मान/ पुरस्कार :-
1-शिक्षक दिवस सम्मान
2-उत्कृष्ट सेवा पुरस्कार 2019,
3-अंकुर नवोदित हस्ताक्षर सम्मान 2023 ,
4-महिला शक्ति काव्य रत्न सम्मान 2024,
5-कोशी साहित्य शौर्य सम्मान 2024(स्वर्ण सम्मान)
6-कन्हैया लाल स्मृति साहित्य सम्मान 2024,
7-विश्व हिन्दी दिवस सम्मान 2025,
8-राजर्षि साहित्य भूषण श्री सम्मान/उपाधि 2025,
9-SSIF महादेवी वर्मा काव्य शिरोमणि सम्मान 2025,
10-अंतर्राष्ट्रीय महिला समाजसेवी सम्मान 2025,
11-हिन्दी सेवी सम्मान 2025,
12-हिंदी भक्त सम्मान 2025,
13-गणतंत्र दिवस गौरव सम्मान 2025,
14-श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान 2025,
15-विवेकानन्द साहित्य श्री सम्मान 2025
के साथ-साथ शताधिक राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कारों/ सम्मानों/उपाधियों से पुरस्कृत/ सम्मानित/विभूषित।
उपलब्धि :-
एक आदर्श शिक्षक, महाकवि, लेखक, समीक्षक, व्याख्याता, वक्ता, के साथ-साथ सम्मानित एवं श्रेष्ठ आदरणीय नागरिक की ख्याति।
अपना सपना :- विश्व-मंच पर भारतीय संस्कृति की प्रतिष्ठा एवं बाजारवाद के विरुद्ध "वसुधैव कुटुम्बकम्" का भाव- विकास।
विश्व-संदेश :- परमाणविक अस्त्रों से सज-धज कर बारूद के पहाड़ पर निश्चिन्त बैठी हुई दुनिया को सुरक्षित रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ प्रत्येक देश को भारत की सनातन संस्कृति में जीवित रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
अन्य संदेश :-
1-किसी भी प्रकार के स्वार्थ-लाभ के लिए योग्यता को विस्थापित करके अयोग्यता को जन-जीवन पर हठात न थोपने की व्यवस्था प्रत्येक स्तर पर सुनिश्चित की जानी चाहिए। मनुष्यता के हितार्थ योग्यता का सदैव सम्मान होना चाहिए।
2-संस्थापक "मणि मंदिर साहित्य साधना धाम दहेंव, बालवरगंज (सुजानगंज) जौनपुर पिन कोड 222201(उ प्र)
मोबाइल नंबर
9452 145606
6394 54 6785
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नाम :- प्रोफेसर (डॉक्टर)मिथिलेश कुमार त्रिपाठी
माता का नाम :- स्व०धनदेई
पिता का नाम :- श्री रामबरन त्रिपाठी
विवाहित/अविवाहित:-विवाहित(विधुर)
जन्मतिथि :- 4 मार्च 1964 ई०
जन्म स्थान :- (उत्तर प्रदेश)
स्थायी पता :-
ग्राम :- दहेंव
पोस्ट :- बालवरगंज(सुजानगंज)
जिला :- जौनपुर
पिन कोड :- 222201 (उ प्र)
जन्म-जनपद :- जौनपुर
शिक्षा :-1
1- एम ए (हिन्दी) इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद
2-पी-एच०डी(हिन्दी) शीर्षक:- मानस की आध्यात्मिक भूमिका
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी
3-पीजीडीजेएमसी(पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन जर्नलिज्म ऐण्ड मास कम्युनिकेशन)उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, इलाहाबाद
4-डीएचईएन(डिप्लोमा इन हेल्थ एजुकेशन ऐण्ड न्यूट्रेशन)उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, इलाहाबाद
अभिरुचि :-
अध्ययन-अध्यापन,लेखन, जन-सेवा, साहित्यिक -सामाजिक-सांस्कृतिक-धार्मिक-आध्यात्मिक आदि मंचों पर व्याख्यान, जिज्ञासु बुद्धिजीवियों के लिए उनकी जिज्ञासा के समाधानार्थ दिशा- निर्देशन, तत्वचिन्तन- मनन,कृषि,बागवानी, आयुर्वेदिक एवं ज्योतिषशास्त्रीय ग्रन्थों का अनुसन्धानपरक अध्ययन,आर्ष ग्रन्थों में जीवन-सूत्रों की खोज, भारतीय साहित्य एवं संस्कृति से सम्बन्धित भ्रामक दुष्प्रचारों के तर्कसिद्ध एवं प्रमाणपुष्ट खण्डन में अभिरुचि आदि।
कार्यानुभव :-
प्रान्तीय, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों एवं कार्यशालाओं में शोधपत्र-वाचन एवं विशिष्ट अतिथि,मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट वक्ता के रूप में व्याख्यान, अध्यक्षीय उद्बोधन, ग्रन्थ-लेखन, अध्यापन, आकाशवाणी केन्द्रों पर काव्यपाठ एवं वार्ता ,पशु-सेवा आदि के साथ-साथ ग्रन्थ एवं पत्रिकाओं का सह सम्पादन/सम्पादन एवं पर्यावरण जागरूकता अभियान का संचालन।
कार्य-वृत्त :-
1-प्रोफेसर एवं अध्यक्ष हिन्दी विभाग स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी, प्रतापगढ़ (उ प्र)
सम्बद्ध
प्रोफेसर राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय,प्रयागराज (उ प्र)
2-प्रभारी पुस्तकालय अधीक्षक स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी,
प्रतापगढ़ (उ प्र)
3-परामर्शदाता हिन्दी स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षा, उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज
4-नोडल अधिकारी छात्रवृत्ति स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी, प्रतापगढ़ (उ प्र)
5-परीक्षा-प्रभारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी,प्रतापगढ़
6-सदस्य एवं संयोजक प्रवेश-समिति
7-कुलानुशासक बी ए भाग तीन
8-प्रधान सम्पादक महाविद्यालयीय वार्षिक पत्रिका "अवध प्रतिभा"
अध्यक्ष शिक्षक संघ स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी,
प्रतापगढ़
9-संयोजक ‘शुल्क मुक्ति समिति’ स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी, प्रतापगढ़
10-संयोजक भाजपा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ विधानसभा-क्षेत्र पट्टी, प्रतापगढ़
11-अध्यक्ष अखिल भारतीय साहित्य परिषद काशी प्रांत जनपद जौनपुर,
12-अध्यक्ष विश्व हिन्दी परिषद जनपद जौनपुर (उत्तर प्रदेश)के साथ-साथ अन्य अनेक साहित्यिक,सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्थाओं के अध्यक्ष, संयोजक ,सचिव, उपाध्यक्ष आदि पदों पर पदासीन,
प्रकाशित कृतियाॅं :-
1-”दूध:अमृत या विष” (स्वास्थ्य शिक्षापरक ग्रन्थ)प्रकाशन-वर्ष 2008
2-”अर्धांगिनी” महाकाव्य(पुरस्कृत) प्रथम संस्करण मई 2022, द्वितीय संस्करण मार्च 2024, नारी- जीवन पर आधारित सम्वेदनापूर्ण एवं शिक्षाप्रद ग्रन्थ
3-”महावीरोदय” (पुरस्कृत) द्वितीय संस्करण 2023,श्री हनुमान जी के जीवन पर आधारित वीर एवं रौद्र रसात्मक प्रबन्ध काव्य(नौ सर्गों में)
4-’’काव्य-कलश” प्रकाशन -वर्ष 2024,(अनुभूति, अध्ययन एवं श्रुत ज्ञान पर आधारित शिक्षाप्रद स्वरचित कविताओं का संग्रह )
5-”छन्दाञ्जलि”, प्रकाशन-वर्ष मई 2024(कल्पना यथार्थ एवं अनुभूत सत्य पर आधारित स्वरचित कविताओं का संग्रह)
6-”सीख सुहानी” मुक्तक काव्य,प्रकाशन-वर्ष 2025,(जीवन एवं जगत से संबंधित कटु-मधुर अनुभवों पर आधारित रसात्मक कविताऍं।
सम्पादन :-
1-कर्मयोगी(अभिनन्दन ग्रन्थ)सदस्य कृतित्व विभाग
2-दर्पण (अभिनन्दन ग्रन्थ) प्रधान सम्पादक
3-अवध-प्रतिभा (वार्षिक) प्रधान सम्पादक
4-सोशल हेराल्ड (चातुर्मासिक) जर्नल उप सम्पादक
5-अभिदेशक (त्रैमासिक) सह सम्पादक
6-शोध मार्तंड (अर्धवार्षिक) अन्तर्राष्ट्रीय जर्नल सदस्य सलाहकार समिति
7-विजय श्री (अभिनन्दन ग्रन्थ) सदस्य संम्पादक-मण्डल
8-भारतीय संस्कृति एवं मानवाधिकार (पुस्तक) सह सम्पादक
9-सृजन (अभिनन्दन ग्रन्थ) सदस्य सम्पादक मण्डल
10-मध्यकालीन काव्य दर्पण (पुस्तक) सह सम्पादक
11-मठ मयूखिनी (अर्द्ध वार्षिक पुस्तिका) सह समपादक
प्रकाशनाधीन/अप्रकाशित कृतियाॅं :-
1-मानस की आध्यात्मिक भूमिका (शोध प्रबन्ध)
2-शूर्पणखा (कथालोचन)
3-रावण (कथालोचन) अपूर्ण
4-मानस पंचामृत (शोध निबन्धात्मक ग्रन्थ)
5-मानस सप्तामृत(शोध निबन्धात्मक ग्रन्थ)
6-तुलसी मानस के राम (कथालोचन) अपूर्ण
7-निबन्ध निर्झर (विविध विषयों से सम्बन्धित शोध निबन्धों का संग्रह)
8-श्री रामचरितमानस का वैज्ञानिक अध्ययन (अपूर्ण)
9-श्री रामचरितमानस का आरोग्य शास्त्रीय अध्ययन(अपूर्ण )
10-तुलसी-मानस में नारी-जीवन (स्त्री विमर्स से सम्बन्धित ग्रन्थ(अपूर्ण)
11-पौराणिक कथा-प्रसंगों की शाश्वत प्रासांगिकता (अपूर्ण)
12-कवितायतन(मुक्तक काव्य)
13-कविताञ्जलि (मुक्तक काव्य)
14-जीवनानुभूति (मुक्तक काव्य)
15-पराम्बा(महाकाव्य)शीघ्र प्रकाश्य
16-काल-प्रवाह (मुक्तक काव्य)
17-महामनस्वी (महाकाव्य) शीघ्र प्रकाश्य
18-आचार्य चाणक्य (महाकाव्य) अपूर्ण
19-भरत भद्र (महाकाव्य) अपूर्ण
20-अवधी अवध (स्वरचितअवधी कविताओं का संग्रह)
21-भगवान शंकर और समाज (कथालोचन) अपूर्ण
हिन्दी के विकास के लिए किये गये उल्लेखनीय कार्य :-
1-हिन्दी भाषा,साहित्य, साहित्यशास्त्र एवं अनेक अन्य विषयों से सम्बन्धित शताधिक शोध निबन्ध/लेख अनेक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं-शोध पत्रिकाओं,शोध-ग्रन्थों में प्रकाशित।
2-विभिन्न संगोष्ठियों (राष्ट्रीय, अंतरृराष्ट्रीय एवं सभाओं तथा बैठकों में हिंदी-माहात्म्य विषयक व्याख्यान।
3-छात्र-छात्राओं को हिन्दी में संवाद एवं देवनागरी लिपि में लेखन के लिए प्रोत्साहन एवं प्रेरणा।
4-छात्र-छात्राओं को हिन्दी में कविता, कहानी,निबन्ध, एकांकी आदि विधाओं में लेखन के लिए प्रोत्साहन।
5-अंग्रेजी में व्याख्यान दे रहे विद्वानों से हिन्दी बोलने का आग्रह ।
6-अंग्रेजी माध्यम के व्याख्यान-मंचों पर हिन्दी में व्याख्यान।
लेखन-विधा :- कविता, कहानी ,निबन्ध, समीक्षा ,शोध निबंध, कथालोचन, संस्मरण ,यात्रावृत्त, एकांकी, नाटक, उपन्यास, आदि।
शिक्षा के क्षेत्र में योगदान :-
1-नियमित अध्यापन।
2-प्रेरणाप्रद एवं ज्ञानवर्धक शिक्षण के द्वारा शिक्षार्थियों के व्यक्तित्व को स्वर्ण पदक की प्राप्ति के योग्य बनाना।
3-विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त केन्द्राध्यक्ष के रूप में विभिन्न महाविद्यालयों में परीक्षा संपन्न कराना।
4-आन्तरिक एवं बाह्य परीक्षक के रूप में विभिन्न विश्वविद्यालयों में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन एवं मौखिक परीक्षाओं को संपन्न करना/कराना।
5-विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त विषय विशेषज्ञ के रूप में साक्षात्कार द्वारा सहायक आचार्यों की चयन-प्रक्रिया में सहयोग
6-शोध-परियोजनाओं एवं लघु शोध प्रबन्धों का निर्देशन एवं मूल्यांकन।
7-स्नातक एवं स्नातकोत्तर हिन्दी के परीक्षा-प्रश्नपत्रों का निर्माण।
8-कवि-लेखकों के मौलिक ग्रन्थों का भूमिका-लेखन।
9-पुस्तक-समीक्षा-लेखन।
10-विश्वविद्यालय द्वारा गठित निरीक्षक- मंडल में सदस्य के रूप में महाविद्यालयों का निरीक्षण एवं सत्यापन।
राष्ट्रहित के कार्य :-
1-राष्ट्रभाषा हिन्दी एवं देवनागरी लिपि का प्रचार-प्रसार।
2-आदिवासियों की जीवन-दशा का अध्ययन।
3-लोक-जीवन एवं लोक संस्कृति का अध्ययन।
4-समाज-सेवा।
5-ग्रामवासियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना।
6-रचनाओं द्वारा भारतीय राजनीति को दिशा-निर्देश एवं विश्व-जीवन को शान्ति-संदेश।
7-रचनात्मक कार्यों द्वारा व्यक्ति-जीवन से लेकर विश्व-जीवन तक की समस्याओं को उठाकर समाधान का मार्ग-दर्शन।
8-कार्यक्रमाधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी, प्रतापगढ़ के रूप में सामान्य एवं विशेष शिविर लगाकर स्वच्छता अभियान चलाना, जागरूकता रैलियां निकालना, स्वयं के साथ-साथ शिविरार्थियों से भी श्रमदान कराना एवं उन्हें विभिन्न प्रकार के जीवनोपयोगी खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित करना, महाविद्यालय में सारगर्भित व्याख्यान कराना,सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करना आदि।
सम्मान/ पुरस्कार :-
1-शिक्षक दिवस सम्मान
2-उत्कृष्ट सेवा पुरस्कार 2019,
3-अंकुर नवोदित हस्ताक्षर सम्मान 2023 ,
4-महिला शक्ति काव्य रत्न सम्मान 2024,
5-कोशी साहित्य शौर्य सम्मान 2024(स्वर्ण सम्मान)
6-कन्हैया लाल स्मृति साहित्य सम्मान 2024,
7-विश्व हिन्दी दिवस सम्मान 2025,
8-राजर्षि साहित्य भूषण श्री सम्मान/उपाधि 2025,
9-SSIF महादेवी वर्मा काव्य शिरोमणि सम्मान 2025,
10-अंतर्राष्ट्रीय महिला समाजसेवी सम्मान 2025,
11-हिन्दी सेवी सम्मान 2025,
12-हिंदी भक्त सम्मान 2025,
13-गणतंत्र दिवस गौरव सम्मान 2025,
14-श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान 2025,
15-विवेकानन्द साहित्य श्री सम्मान 2025
के साथ-साथ शताधिक राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कारों/ सम्मानों/उपाधियों से पुरस्कृत/ सम्मानित/विभूषित।
उपलब्धि :-
एक आदर्श शिक्षक, महाकवि, लेखक, समीक्षक, व्याख्याता, वक्ता, के साथ-साथ सम्मानित एवं श्रेष्ठ आदरणीय नागरिक की ख्याति।
अपना सपना :- विश्व-मंच पर भारतीय संस्कृति की प्रतिष्ठा एवं बाजारवाद के विरुद्ध "वसुधैव कुटुम्बकम्" का भाव- विकास।
विश्व-संदेश :- परमाणविक अस्त्रों से सज-धज कर बारूद के पहाड़ पर निश्चिन्त बैठी हुई दुनिया को सुरक्षित रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ प्रत्येक देश को भारत की सनातन संस्कृति में जीवित रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
अन्य संदेश :-
1-किसी भी प्रकार के स्वार्थ-लाभ के लिए योग्यता को विस्थापित करके अयोग्यता को जन-जीवन पर हठात न थोपने की व्यवस्था प्रत्येक स्तर पर सुनिश्चित की जानी चाहिए। मनुष्यता के हितार्थ योग्यता का सदैव सम्मान होना चाहिए।
2-संस्थापक "मणि मंदिर साहित्य साधना धाम दहेंव, बालवरगंज (सुजानगंज) जौनपुर पिन कोड 222201(उ प्र)
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9452 145606
6394 54 6785
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